मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार का वह बयान जिससे गरमा गई है सियासत, बड़ा सवाल- क्‍या होगा बिहार CM का अगला कदम?

मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐसा बयान दिया है, जिससे बिहार की राजनीति में एक बार फिर से अटकलों का बाजार गर्म हो गया है. सबके मन में एक ही सवाल है कि अब बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार का अगला कदम क्‍या होगा? नीतीश कुमार से जब पूछा गया कि क्‍या वह लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं? इस पर सीएम नीतीश (Chief Minister Nitish Kumar) ने चौंकाने वाला बयान दिया. उन्‍होंने कहा था कि ऐसी कोई बात नहीं है. सब जग का सदस्‍य तो बन ही गया हूं, बस राज्‍यसभा ही बचा है. उनके इस बयान के बाद चार्चाओं का बाजार गर्म हो गया. चर्चा होने लगी की क्‍या नीतीश कुमार उपराष्‍ट्रपति (Vice President of India) बनने वाले हैं? या फिर केंद्र की राजनीति शुरू करने वाले हैं? अब मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने एक और बयान देकर राजनीतिक पंडितों की समस्‍याएं बढ़ा दी हैं.

 

दरअसल, बिहार विधानसभा का बजट सत्र समाप्‍त होने के बाद मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने पहले दिए गए बयानों को लेकर शुरू हुई अटकलबाजी के दौर पर विराम लगाने की कोशिश की है. उन्‍होंने कहा कि अब उनकी कोई व्‍यक्तिगत इच्‍छा नहीं रही है. यह भी नहीं कि वह राज्‍यसभा जाएं. उनके इस बयान के बाद एक बार फिर से प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चार्चा का बाजार गर्म है कि अब नीतीश कुमार का अगला कदम क्‍या होगा? हालांकि, यह सभी जानते हैं कि नीतीश कुमार एक मंझे हुए राजनीतिज्ञ हैं. वह केंद्रीय मंत्री रहकर केंद्र की राजनीति भी कर चुके हैं और फिलहाल डेढ़ दशक से भी ज्‍यादा समय से बिहार के मुख्‍यमंत्री हैं.

 

राज्‍यसभा सदस्‍य बनने की इच्‍छा नहीं?

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को साफ़-साफ़ कहा, ‘जब मैं विधायक बना था, तब मेरी इच्छा थी कि मैं MP बनूं. उसके बाद मैंने लोकसभा का चुनाव लड़ा और सांसद भी बन गया. बाद में मैं 5 बार MP बना और केंद्र में मंत्री भी रहा. उसके बाद कोई इच्छा नहीं रही थी. फिर जब पूरा समीकरण हमारे पक्ष में था, तब मुझे लोगों ने मुख्यमंत्री बनाया. अब मेरी कोई ऐसी इच्छा नहीं है कि मैं राज्यसभा के लिए सांसद बनूं.’

 

पुराने संसदीय क्षेत्र का भ्रमण करने की बताई वजह

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया की उन्‍होंने बिहार के विकास के लिए क्या नही किया है और अभी भी कर रहे हैं. नीतीश कुमार ने यह भी साफ़ किया की क्‍यों वह आजकल अपने पुराने संसदीय क्षेत्र का भ्रमण कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं अपने क्षेत्र में इन दिनों इसलिए घूम रहा हूं, क्योंकि मैंने बहुत कुछ विकास के काम किए हैं. मैं अपने किए विकास कार्य की समीक्षा करता रहता हूं और लोगों के मन में क्या इच्छा है और क्या काम बचा हुआ है, उसका फीडबैक लोगों के बीच में जाकर लेते रहता हूं. इसी कड़ी में काफ़ी दिनों के बाद वक़्त मिला तो अपने पुराने संसदीय क्षेत्र जा रहा हूं.’

 

3 दशक पहले बाढ़ को बनाना चाहते थे जिला

नीतीश कुमार ने कहा कि वह साल 1992 से ही बाढ़ को जिला बनाना चाह रहे थे, लेकिन तब बख्तियारपुर के लोगों ने इस बात का विरोध कर दिया कि वह पटना से अलग नहीं होना चाहते हैं. इसलिए उस समय यह मामला उलझ गया था, लेकिन आने वाले समय में बाढ़ को भी जिला बना दिया जाएगा. इसकी मांग लगातार बाढ़ के लोग कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ को ज़िला बनाया जाएगा तो कई जिले और भी बन सकते हैं, जिसके बाद विकास कार्य तेज होगा.

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