सीएम नीतीश कुमार का निर्देश – एक लाख की आबादी पर तैनात हों 150 से 160 पुलिसकर्मी

बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर विरोधी दल लगातार नीतीश सरकार पर निशाना साध रही है. ऐसे में सरकार ने जनता की सुरक्षा को लेकर कई बड़े कदम उठाने की तैयारी कर रही है. साथ ही पुलिस के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़े कदम भी उठाए जा रहे हैं. इसी कड़ी में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुलिस आधुनिकीकरण से संबंधित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमे कुछ महत्त्वपूर्ण निर्देश बिहार पुलिस को दिए.

 

नीतीश कुमार द्वारा बुलाई गई इस समीक्षा बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक (आधुनिकीकरण) कमल किशोर सिंह ने पुलिस आधुनिकीकरण से संबंधित किए जा रहे कार्य की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को दी. मुख्यमंत्री को पुलिस मॉडर्नाइजेशन स्कीम, ट्रेनिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर, पुलिस केंद्र के लिए जमीन और भवन की वर्तमान स्थिति, थानों में वाहनों की स्थिति, मेल/फीमेल बैरक, बेड की अद्यतन स्थिति, इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल, डिजास्टर रिकवरी सेंटर, ऑनलाइन चरित्र प्रमाण पत्र की सुविधा, थानों में आगंतुक कक्ष, महिला शौचालय और स्नानागार के निर्माण आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई.

बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुलिस अधिकारियों को कुछ महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए. उन्होंने कहा कि प्रति लाख जनसंख्या पर 150 से 160 की संख्या में पुलिस बल की तैनाती हो. इस दिशा में तेजी से काम करें. अनुसंधान का काम 60 दिनों के अंदर सुनिश्चित हो, ताकि ट्रायल चलाकर अपराधियों को त्वरित सजा दिलाई जा सके. अपराध को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस बल में बहाली और ट्रेनिंग काफी महत्वपूर्ण है, इसलिए इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है.

 

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में कानून का राज कायम रखने के लिए पुलिस की कार्य संस्कृति को दो हिस्सों अनुसंधान एवं कानून व्यवस्था में बांटा गया है. अनुसंधान का काम 60 दिनों के अंदर सुनिश्चित हो ताकि ट्रायल चलाकर अपराधियों को त्वरित सजा दिलाई जा सके. सभी थानों को यथाशीघ्र अपना भवन उपलब्ध हो और उसमें महिला शौचालय और स्नानागार की सुविधा सुनिश्चित हो.

 

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि छतों वाले थाना भवनों की जगह अच्छे भवन बनवाएं. अपराध को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस बल में बहाली और ट्रेनिंग काफी महत्वपूर्ण है, इसलिए इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि लोगों की सहूलियत के लिए ऑनलाइन सुविधा देना जरूरी है, किंतु इसके साथ-साथ उसकी हार्ड कॉपी भी जरूर रखें.

 

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक एसके सिंघल, अपर मुख्य सचिव गृह चैतन्य प्रसाद और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एस सिद्दार्थ मौजूद थे.

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