Bihar Matric Result 2022: मुसहर टोला में आजादी के बाद किसी ने पास की मैट्रिक की परीक्षा, जानें रामशंकर की कहानी

बिहार 10वीं बोर्ड का परीक्षा परिणाम 31 मार्च को निकला. प्रदेश भर के हजारों छात्र-छात्राओं ने परीक्षा पास कर अपना और अपने परिवार का नाम रोशन किया. टॉप 10 में कुल 47 छात्रों ने जगह बनाई. लेकिन, रोहतास जिले के बिक्रमगंज के गोपालपुर मुसहर टोला के एक दलित किशोर ने मैट्रिक परीक्षा पास होकर नया इतिहास बना दिया. स्‍वतंत्रता प्राप्ति के बाद गोपालपुर मुसहर टोले में पहली बार किसी मुसहर लड़के ने 10वीं की परीक्षा पास की है. इस लड़के का नाम रामशंकर है. रामशंकर के पिता चूहा मार कर और नाली साफ कर अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. उनकी दिल्‍ली इच्‍छा है कि उनका बेटा रामशंकर पढ़-लिखकर बड़ा अफसर बने और नाम रोशन करे. फिलहाल तो रामशंकर मैट्रिक परीक्षा पास कर मुसहर टोले के बच्‍चों के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है.

 

रामशंकर ने सेकेंड डिवीजन में मैट्रिक की परीक्षा पास की है. उन्‍हें कुल 500 में से 287 अंक हासिल हुए हैं. गोपालपुर मुसहर टोले में उसका सम्‍मान बिहार टॉपर से कम नहीं हो रहा है. वह पूरे टोले के लिए गर्व बन गया है. झुग्गी-झोपड़ियों के बीच बोरे पर बैठकर पढ़ाई करने वाला रामशंकर अपने आप में टॉपर है. वैसे तो रामशंकर को मात्र 287 अंक मिले हैं. 100 से अधिक घरवाले गोपालपुर मुसहर टोला का रामशंकर पहला लड़का है जो आजादी के बाद मैट्रिक की परीक्षा पास कर अपने टोले का नाम रोशन किया है. बता दें कि गोपालपुर मुसहर टोला में आज तक कोई मैट्रिक पास नहीं किया था. हाई स्कूल बिक्रमगंज में पढ़ाई कर रामशंकर ने यह सफलता पाई है. उसके झुग्गी-झोपड़ी में बिजली का कनेक्शन नहीं है, ऐसे में बिना बिजली-बत्ती के रामाशंकर ने पढ़ाई पूरी कर मिसाल पेश की है.

चूहा पकड़ कर पेट पालते हैं पिता
रामशंकर के पिता मैन मुसहर खेतों में चूहा पकड़ने तथा नालों की सफाई करने का काम कर अपना गुजारा करते हैं. इस विषम परिस्थिति में भी अपने बच्चे को मैट्रिक की परीक्षा पास करता देख वह काफी खुश हैं. वह दिन-रात मेहनत कर अपने बच्चे को पढ़ा लिखाकर कलेक्टर बनाना चाहते हैं. मैन मुसहर कहते हैं कि उनके लिए यह एक सपना पूरा होने के समान है. वह पता कर रहे हैं कि आदमी पर लिखकर अफसर कैसे बनता है? वह अपने बेटे को अफसर बनाना चाहते हैं, ताकि कई पीढ़ियों से गरीबी और सामाजिक असमानता के दंश से खुद को बाहर को निकाल सकें.

 

गांव में नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बने रामशंकर
जिस तरह से झुग्गी झोपड़ी में बिना बिजली बत्ती के घोर अभाव में सामाजिक असमानता के बीच रामशंकर ने सफलता पाई है, यह बिहार टॉपर होने से कम खुशी की बात नहीं है. रामशंकर पूरे मुसहर टोले का हीरो हो गया है. रामशंकर के इस सफलता ने गांव के बच्चों को नई दिशा देने का काम किया है. टोले के पांचवी-छठी कक्षा में पढ़ रहे छात्रों में इसको लेकर उत्‍साह है. मुसहर टोली के 9वीं कक्षा का छात्र पूरन राम कहता है कि वह भी मैट्रिक की परीक्षा पास कर दिखाएगा. रामशंकर की बहन रानी कहती है कि वह भी पढ़ाई कर रही है और अपने भाई की तरह मैट्रिक परीक्षा पास करना चाहती है.

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